लोकसभा चुनाव 2019 के लिए

लोकसभा चुनाव 2019 में संघर्ष के लिए तैयार रहें कांग्रेस के कार्यकर्ता
एटा। आज मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी एटा के कार्यालय पर मानवाधिकार
प्रकोष्ठ की बैठक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामकुमार सक्सेना की अध्यक्षता
में सम्पन्न हुई। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कांग्रेसियों को
निर्देशित करते हुए यह कहा गया कि वह आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए
गरीबों, मजलूमों, व्यापारियों, नौजवान बेरोजगारों, किसानों को न्याय
दिलाने के लिए घर-घर जाकर कांग्रेस की नीतियों का जनजागरण करते हुए सिर्फ
और सिर्फ कांग्रेस को वोट देने की बात करें क्योंकि आगामी लोकसभा चुनाव
में सपा, बसपा का गठबंधन जहां तक संभावित है, वहीं यदि कांग्रेस को
उ0प्र0 में गठबंधन के अंतर्गत कम से कम 30 सीटें नहीं मिलती हैं तो
कांग्रेस पार्टी प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में अपना उम्मीदवार उतारने में
गुरेज नहीं करेगी। उप्र कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं ऑल इण्डिया फिशरमैन
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश कश्यप ने उक्त अवसर पर कांग्रेसियों
को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दिसंबर 2018 में भी लोकसभा
चुनाव की घोषणा कर सकती है क्योंकि उसको मालूम है कि पूरे देश में उसकी
हालत पतली है और जो जुमलेबाजी प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने देश की जनता
के साथ की है, उसे देश की जनता कतई बर्दाश्त करने की मूड में नहीं है।
इसलिए हो सकता है कि समय से पहले केंद्र सरकार हताश होकर 2019 के लोकसभा
चुनाव की घोषणा करवा दे। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आशिक हुसैन भोले
ने उक्त अवसर पर कहा कि चार साल पहले मोदी लहर में मोदी की जुमलेबाजी के
कारण भारत के अधिकांश नागरिकों ने भाजपा को पसंद किया और दो तिहाई बहुमत
से अधिक बहुमत देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की
सरकार बनाने का रास्ता साफ किया लेकिन इन चार सालों के अंदर देश की जनता
केंद्र सरकार के कारनामों से त्राहि-त्राहि कर उठी है। महंगाई चरम सीमा
पर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम आदमी व किसानों को रूलाकर रख दिया
है। महिलाओं का किचिन बजट गडबडा गया है। युवाओं को नौकरी देने का वायदा
महज एक सपना बनकर रह गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाह जिलाध्यक्ष
जसवीर सिंह यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी
सरकार, सरकार नहीं जंगलराज है। जिसमें जमकर किसानों, नौजवानों,
व्यापारियों, मजलूमों का जहां उत्पीडन किया जा रहा है, वहीं देश की
महिलायें किसी भी राज्य में सुरक्षित  नहीं हैं। और जमकर बलात्कार व
छेडखानी की वारदातें इतनी अधिक मात्रा में हो रही हैं। यदि मोदी सरकार
चाहे तो गिनीज बुक में भी इसको दर्ज किया जा सकता है। अंत में जिला
कांग्रेस कमेटी मानवाधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राकुमार सक्सेना ने कहा
कि केंद्र व प्रदेश की सरकार पूर्ण रूप से फेल हो चुकी है और उप्र में
बुआ-बबुआ का गठबंधन होते नहीं दिख रहा है। इन परिस्थितियों में कांग्रेस
के कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जाकर आम मतदाताओं को मोदी व योगी
द्वारा अपने-अपने मेनीफेस्टों में किये गये वायदों को याद दिलाना होगा
क्योंकि उनके मेनीफैस्टो में जो भी वायदे किये गये उनमें से शायद ही कोई
वायदा जमीनी हकीकत पर खरा उतर रहा हो।
बैठक में मुख्य रूप से पूर्व विधायक प्रेमपाल सम्राट, पूर्व प्रदेश
महासचिव देवेंद्र कुमार, भूदेव प्रसाद बाल्मीकि, मुहम्मद इसरार अहमद,
राकेश सिंह, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
प्रभाग एटा हरिओम राजपूत, अशोक सक्सेना, जितेंद्र सिंह राजपूत, डा0 अली
हुसैन राईन, वीना वार्ष्णेय, कमलेश गौड राजकुमार शंखवार, रामस्वरूप पाल,
अरविंद कश्यप, देवेंद्र कुमार शिकरवार, डा0 इब्राहिम, नीरज यादव, मुकेश
उपाध्याय, राजू कश्यप, समीउद्दीन खान आदि लोग उपस्थित रहे।

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